Gheun Mein Kharpatwar Nasak : गैहूँ के टॉप 5 खरपतवार नाशक! सिर्फ एक स्प्रे में जड़ से खत्म हो जाएगा चौड़ी व सकड़ी पत्ती का घास

Gheun Mein Kharpatwar Nasak : अगर आप गेहूं की खेती करते हैं और खेत में चौड़ी पत्ती हो या सकड़ी पत्ती का घास — दोनों तेजी से फैल रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी राहत से कम नहीं है। किसानों के बीच सबसे बड़ी समस्या यही रहती है कि गेहूं की फसल शुरू तो बढ़िया होती है, लेकिन कुछ दिनों बाद खेत खरपतवार से भर जाता है। और एक बार खरपतवार बढ़ गया तो गेहूं की पैदावार आधी हो जाती है। लेकिन अब चिंता की कोई जरूरत नहीं, क्योंकि बाजार में ऐसे टॉप 5 खरपतवार नाशक उपलब्ध हैं, जो सिर्फ एक स्प्रे में जड़ से घास खत्म कर देते हैं।

आजकल मौसम के बदलते हालात में खरपतवार का फैलाव और भी तेज हो गया है। खेत में बथुआ, हिरनखुरी, दूब, स्वांकी, मोथा, चिरचिट्टी और किर्ली जैसे घास सबसे ज्यादा नुकसान देती हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि अब ऐसे हर्बीसाइड मौजूद हैं जो इन सभी खरपतवारों को एक साथ खत्म कर देते हैं और गेहूं को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचाते। किसान इनका सही समय पर इस्तेमाल करके पैदावार में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकते हैं।

पेंडिमेथालिन (Pendimethalin)


यह दवा गेहूं में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती है, क्योंकि यह खरपतवार को उगने ही नहीं देती। इसे बुवाई के 1–2 दिन के अंदर छिड़कने से पूरा खेत 25 से 30 दिन तक खरपतवार रहित रहता है। यह सकड़ी पत्ती के घास के लिए सबसे ज्यादा असरदार माना जाता है।

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Gheun Mein Kharpatwar Nasak

इथोक्सीसल्फ्यूरॉन + मेसोलाक्लोर (Ethoxysulfuron + Mesolachlor)


यह मिश्रित दवा चौड़ी और सकड़ी दोनों पत्ती के खरपतवार पर जोरदार प्रभाव डालती है। यदि आपके खेत में बथुआ, हिरनखुरी या दूब तेजी से बढ़ रही हो तो यह दवा सिर्फ एक स्प्रे में पूरी तरह खत्म कर देती है। इसे गेहूं की बुवाई के 15 से 20 दिन बाद छिड़का जाता है।

मेस्ट्री (Metsulfuron Methyl)


यह दवा बथुआ, जंगली सरसों, मकोय जैसी चौड़ी पत्ती वाली घास खत्म करने में सबसे प्रभावी है। इसकी कम मात्रा में भी बहुत अच्छा असर देखने को मिलता है। किसान इसे बुवाई के 25–30 दिन बाद इस्तेमाल करते हैं।

पिनॉक्साडेन (Pinoxaden)


अगर खेत में सकड़ी पत्ती का घास जैसे स्वांकी, दूब या कनकनी ज्यादा फैली हो, तो यह सबसे जोरदार हर्बीसाइड माना जाता है। इसे 20–25 दिन बाद डालने से खेत एकदम साफ हो जाता है और गेहूं की बढ़वार तेज हो जाती है।

2,4–D हर्बीसाइड


यह पुरानी लेकिन सबसे भरोसेमंद दवा मानी जाती है। यह चौड़ी पत्ती वाली लगभग सभी खरपतवार जैसे बथुआ, तिलिया, जंगली मूली, धतूरा और खरपतवार को आसानी से नष्ट कर देती है। इसके इस्तेमाल से गेहूं बिल्कुल सुरक्षित रहता है और पैदावार अच्छी होती है।

खरपतवार नाशक सही समय पर डालें


कई किसान सही दवा तो ले आते हैं, लेकिन गलत समय पर स्प्रे करने की वजह से असर कम हो जाता है। हमेशा ध्यान रखें:

  • पहली दवा बुवाई के तुरंत बाद डालें।
  • दूसरी दवा पौधे की उम्र 15–25 दिन होने पर डालें।
  • दवा छिड़कते समय मिट्टी में नमी जरूर हो।
  • तेज हवा में स्प्रे बिल्कुल न करें।
    यदि इन बातों का ध्यान रखा जाए तो गेहूं में खरपतवार का फैलाव पूरी तरह खत्म हो जाता है और फसल स्वस्थ रहती है।

गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए खेत का साफ और खरपतवार–मुक्त होना सबसे जरूरी है। आज बाजार में उपलब्ध ये पांच दवाएं किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं, क्योंकि यह चौड़ी और सकड़ी दोनों तरह के घास को सिर्फ एक स्प्रे में खत्म कर देती हैं। समय पर दवा डालने से फसल मजबूत होती है और उत्पादन में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। यदि आप इस बार गेहूं की पैदावार बढ़ाना चाहते हैं, तो सही खरपतवार नाशक और सही समय का ध्यान जरूर रखें।

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