Sarso Ki Fasal Me Kya Dale : सरसों की फसल में आने लगे हैं फूल तो ये दो जरूरी चीजे डालना ना भूलें, होगी 5 क्विंटल प्रति बिगा की उपज

Sarso Ki Fasal Me Kya Dale : देशभर में सरसों की खेती अपने चरम पर पहुंच चुकी है और इसी दौरान किसान सबसे ज्यादा चिंतित रहते हैं फसल की उपज को लेकर। जैसे ही सरसों के पौधों में फूल आना शुरू होता है, उसी समय फसल को सही पोषण देना बेहद जरूरी होता है। अगर इस स्टेज पर पौधों को जरूरी खाद और माइक्रो न्यूट्रिएंट्स मिल जाएं, तो न सिर्फ बालियां ज्यादा बनती हैं, बल्कि दाने भी मोटे और तेल की मात्रा अधिक होती है। यही कारण है कि कृषि विशेषज्ञ लगातार किसानों को सलाह देते हैं कि सरसों की फूल आने की अवस्था को बिल्कुल भी हल्के में न लें, क्योंकि इसी समय फसल की असली पैदावार तय होती है।

फूल आने के बाद पोषण क्यों जरूरी है?


सरसों के पौधे जब फूल बनाते हैं, तब उनमें तेजी से ऊर्जा और पोषक तत्वों की खपत बढ़ जाती है। इस अवस्था में जररा-सा भी पोषण का अभाव उपज को सीधे प्रभावित करता है। ऐसे में यदि सही खाद और पोषक तत्व समय पर दे दिए जाएं, तो फसल की पैदावार कई गुना बढ़ सकती है। यह स्टेज पौधों के अंदर तेल बनने की प्रक्रिया का भी सबसे अहम समय होता है।

पहली जरूरी चीज: 0:52:34 + सल्फर स्प्रे


जैसे ही सरसों की फसल में फूल आना शुरू हो जाए, किसानों को सबसे पहले 0:52:34 ग्रेड का फास्फोरस-प्रधान फर्टिलाइज़र 2.5 से 3 किलो प्रति एकड़ की दर से स्प्रे करना चाहिए। यह खाद फूलों को झड़ने से बचाती है और दानों की संख्या बढ़ाती है। इसके साथ ही इसमें पाया जाने वाला पोटाश दानों को मोटा बनाता है। इसके साथ सल्फर का मिलाना बहुत जरूरी होता है क्योंकि सरसों तेल वाली फसल है और सल्फर तेल की मात्रा बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाता है। अगर सल्फर सही मात्रा में मिल जाए तो दाने ज्यादा चमकदार और भरपूर बनते हैं।

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Sarso Ki Fasal Me Kya Dale

दूसरी जरूरी चीज: बोरोन + जिंक का मिश्रण


फूल आने के समय जिंक और बोरोन का स्प्रे करना सरसों की फसल के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। बोरोन फूलों के विकास (Flower Retention) को बढ़ाता है और झड़ने से रोकता है। वहीं जिंक पौधों की जड़ों और शाखाओं को मजबूत बनाता है, जिससे दानों का आकार और पूरी फसल की गुणवत्ता बढ़ जाती है। आमतौर पर किसान 1 किलो बोरोन और 1 किलो जिंक को पानी में मिलाकर स्प्रे करते हैं, जिससे पौधों को तुरंत माइक्रो न्यूट्रिएंट मिल जाता है।

इन्हें डालने का सही समय कब है?


फूल दिखना शुरू होते ही पहला स्प्रे करना चाहिए, और 10–12 दिन बाद दूसरा स्प्रे। ध्यान रहे कि स्प्रे हमेशा सुबह या शाम को करें ताकि धूप के कारण पोषक तत्व खराब न हों। इसके अलावा, स्प्रे करते समय फसल पर समान रूप से घोल पड़ना चाहिए ताकि हर पौधा इसका फायदा उठा सके।

इतनी ज्यादा पैदावार क्यों मिलती है?


कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, 0:52:34, सल्फर, बोरोन और जिंक—ये चार तत्व यदि सही समय पर दे दिए जाएं, तो पौधा फूल और फली दोनों को मजबूत तरीके से धारण कर पाता है। इससे फलियाँ ज्यादा बनती हैं और उनमें दाने भरपूर मात्रा में बनते हैं। यही वजह है कि किसान आसानी से 4 से 5 क्विंटल प्रति बीघा पैदावार निकाल लेते हैं, जबकि जिन किसानों ने यह स्प्रे नहीं किया, उनकी उपज सामान्य से कम रहती है।

अगर आपकी सरसों की फसल में फूल आना शुरू हो गया है, तो यह आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस अवस्था में 0:52:34 + सल्फर और बोरोन + जिंक का स्प्रे कर देना फसल के लिए वरदान साबित होता है। ऐसा करने से फसल न सिर्फ ज्यादा फूल रोकती है, बल्कि दाने मोटे, भारी और तेल-समृद्ध बन जाते हैं, जिससे प्रति बीघा उपज आसानी से 5 क्विंटल तक पहुंच जाती है। किसान भाई यदि इन दो चीजों को सही समय पर डाल दें, तो फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

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